दिव्य नगरी स्लम सेवा -अहमदाबाद ​नवरंगपुरा- प्रथम वार्षिक सेवा

“यहाँ मैं प्रेरणा देने नहीं, प्रेरणा लेने आया हूँ – शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह जी चुडासमा”

​​अहमदाबाद 17-12-2015: “बहुत सुख-सुविधाएं देने से पुस्तकीय ज्ञान जरूर मिल जाता है परन्तु अच्छे संस्कार नहीं मिलते. अच्छे संस्कार के लिए तो यहाँ ब्रह्माकुमारीज़ में इन चाली के बच्चों को जो प्रतिज्ञाएं कराई जा रही है उसकी एक-एक बात जीवन में लाने का जो प्रयास ये दीदियाँ करा रही है उसी से बनेंगे. मैं यहाँ प्रेरणा देने नहीं, प्रेरणा लेने आया हूँ. ईश्वरीय प्रेम के बिना नि:स्वार्थ रूप से सेवा करना संभव नहीं है. स्लम को श्रेष्ठ बनाने की सेवाएं जो यह ब्रह्माकुमारी संस्था कर रही है वह उदाहरणमूर्त है. मैं जहां भी जाउंगा यहाँ का उदहारण जरूर दूँगा. आपके प्रयास बधाई के पात्र है.”

ब्रह्माकुमारीज द्वारा पिछले एक वर्ष से अहमदाबाद

​​नवरंगपुरा में स्थित ‘भगत की चाली’ को ‘दिव्य नगरी’ बनाने के सेवा प्रोजेक्ट की प्रथम वर्षगाँठ के अवसर पर गुजरात के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चुडासमा ने ये उद्गार व्यक्त किये. मंत्री जी ने प्रथम वार्षिक सेवा रिपोर्ट बुक का विमोचन भी किया.

दिव्य नगरी स्लम सेवा प्रोजेक्ट की कार्यकारी निदेशिका (Execute Director) बी.के.ईशिता ने इस प्रोजेक्ट क्या लक्ष्य एवं उद्देश्य, प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में करीब 200 बच्चों के जीवन परिवर्तन की रोमांचक यात्रा का अनुभव सुनाते हुए कहा कि गरीबनिवाज़ परमात्मा पिता से मिला हुआ प्यार हम इन बच्चों और उनके माता-पिता को दे रहे हैं और यह ईश्वरीय प्रेम और राजयोग का अभ्यास ही इस परिवर्तन का आधार है.

कार्यक्रम में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (AMC) दिलीप भाई गोर, अहमदाबाद म्युनिसिपल स्कूल बोर्ड के चेयरमैन जगदीश भावसार, गुजरात ज़ोन इंचार्ज सरला दीदी, महादेवनगर सबज़ोन इंचार्ज बी.के.चंद्रिकाबहन, बी.के. कैलाश दीदी आदि महानुभावों ने उपस्थित रह सर्व को समाज सेवा के लिए प्रोत्साहित किया.

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